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Author Archive for: ‘Mahavir Prasad Dvivedi’

‘ऑन लिबर्टी’ का हिंदी अनुवाद

प्रतिबन्ध सिर्फ उस समाज के लिए उपयोगी और उचित हो सकता है जिसमें कामकाजी लोग लड़कों या असभ्य जंगली आदमियों की तरह अशिक्षित होते हैं; अतएव जिन्हें भविष्यत में स्वाधीनता पाने के योग्य बनाने के लिए, हर बात में, नियमबद्ध करने की जरूरत रहती है।

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